Bank Nifty Chart Pattern- 7 महत्वपूर्ण चार्ट पैटर्न को कैसे समझे

 

बैंक निफ्टी चार्ट पैटर्न (Bank Nifty Chart Pattern) एक टेक्निकल एनालिसिस (Technical Analysis) का हिस्सा है जो बैंक निफ्टी इंडेक्स के गतिविधि को जांचने के लिए उपयोग होता है। चार्ट पैटर्न ट्रेडर्स को आपके द्वारा दिये गए साइकिलों, ट्रेंडों और रिवर्सल क्षेत्रों को समझने में मदद करते हैं। इन पैटर्नों के आधार पर, ट्रेडर्स को निवेश के निर्णय लेने में सहायता मिलती है।

आज इस ब्लॉग में हम कुछ महत्वपूर्ण चार्ट पैटर्न (Chart Pattern) पर विस्तार से चर्चा करेंगे जिनका उपयोग करके हम बैंक निफ्टी, निफ्टी, फिननिफ्टी यहां तक ​​कि स्टॉक में भी दिशा का अनुमान लगा सकते हैं। बैंक निफ्टी, निफ़्टी, फिननिफ्टी NSE के Derivative सेगमेंट में ट्रेड किये जाते है।

तो चलिए चार्ट पैटर्न (Chart Pattern) को विस्तार से जानते हैं :-

 

असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न (Ascending Triangle Chart Pattern)

असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न (Ascending Triangle Chart Pattern) :- इस Ascending triangle Pattern में कीमत higher low और फिर Flat High बनाती है। Ascending Triangle सामान्य तौर पर Uptrend में बनता है जिसकी वजह से किसी निश्चित कीमत पर buyers ज्यादा अधिक तेजी नही ला पाते है लेकिन फिर भी वह कीमत को धीरे–धीरे धकेल कर ऊपर ले जाते है।

Ascending triangle Pattern को बनाने के लिए, कीमत High की ओर बढ़ती है और एक Resistance Line को छूती है। इसके बाद, कीमत में एक गिरावत (fall) आती है और वह Support Line को छूती है, लेकिन पिछली Lower High से कम नहीं होती है। ऐसा कई बार होता है जब Resistance line को छूने की कोशिश की जाती है, लेकिन कीमत के बार बार घटने के कारण यह पूर्णतः ऊंचाई नहीं प्राप्त करती है। इस प्रक्रिया से असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न (Ascending Triangle Pattern) का गठन होता है।

यदि जब भी यह पैटर्न down trend में बदलता है तो ये काफी पावरफुल रिवर्सल सिग्नल होता है। जैसा कि आप इमेज में देख सकते है की Buyers कमजोर पड़ रह है जिसकी वजह से वे Higher Low बना रह है। ये दुबारा Resistance Line पर हावी होते है और जब वह Resistance को तोड़ देते है तो ब्रेकआउट हो जाता है।

कई बार ऐसा होता है कि Resistance Line बहुत स्ट्रॉन्ग होता है इसलिए कीमत दूसरी तरफ भी घूम सकती है। इसलिए आपको दोनो तरफ के लिए तैयार रहना चाहिए। आपको तो ट्रेंड में एंट्री लेनी होती है ऑर्डर Resistance Level के ऊपर लेना चाहिए। कीमत ऊपर या नीचे जिस तरफ घूमे आपको उसी तरफ एंट्री लेनी चाहिए। इन सबसे ज्यादा जरूरी Stop–Loss लगाना चाहिए।

 

डेसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न (Descending Triangle Chart Pattern)

डेसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न (Descending Triangle Chart Pattern):- यह पैटर्न तब बनता है जब पैटर्न lower high बनाते है इसके सभी lower level एक ही सीमा पर टच होते है. यह pattern downtrend में बनता है. यदि जब भी यह pattern डाउनट्रेंड की तरफ बने तो सतर्क रह. डेसेंडिंग पैटर्न काफी शक्तिशाली सिग्नल देता है, जो यह कॉन्टिनुएशन पैटर्न है.

Descending triangle pattern बनने पर buyer’s का दबाव कम होने लगता है और सेलर कीमत को निचे ले जाते है जिसके बाद में buyers अधिक तेजी से कीमत को ऊपर ले जाते है. यह किसी सुपोर्ट या resistance को तोड़कर किसी भी दिशा में जा सकता है. यह pattern बनने के बाद अपने सपोर्ट को तोड़कर काफी निचे कीमत गिर जाती है.

इस pattern का उल्टा ascending triangle pattern होता है. Descending triangle pattern पर कब ट्रेड लेनी चाहिए? आपको pattern को अच्छे से देखना होगा की क्या ये 4 बार सपोर्ट पर टच हुआ या नहीं. सपोर्ट को तोड़ते ही उस पहली कैंडल पर ट्रेड लेनी है. आपको टारगेट हाईएस्ट पॉइंट के आस-पास कीमत पर रखना चाहिए. आपको stop-loss निचे रखना होगा.

 

सयंमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न (Symmetrical Triangle Chart Pattern)

सयंमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न (Symmetrical Triangle Chart Pattern):- यह pattern  तब बनता है जब कीमत हाई लो फिर हाई लो बनाती है शेयर की कीमत कोई निश्चित दिशा की तरफ जाने के लिए कोई संकेत नहीं मिलता है कीमत एक रेंज में रहती है. इस pattern में buyers और सेलर के बीच में झगड़ा होता है.  इसमें कोई भी कीमत पर अच्छे से कंट्रोल नहीं कर पाता है.

यदि   Symmetrical Triangle Pattern   बन रहा होता है तो कुछ देर तक एक रेंज में निचे की तरफ जा रहा होता है उसके बाद buyers मार्किट में एंट्री लेते ही ये अपट्रेंड में चला जाता है. यह pattern भी कोटिनुएशन पैटर्न है लेकिन इसके काफी चांस रिवर्सल होने के भी होते है. यह किसी भी तरफ जा सकता है. इसमे आपको ब्रेकआउट होने का इन्तजार करना होता है.

बिना ब्रेकआउट हुए आपको ट्रेड नहीं लेनी है. Symmetrical Triangle Pattern में सेलर और buyers दोनों ही होते है. यह ट्रेडर कीमत को अपनी-अपनी ओर ली जाने की कोशिश करते है जब तक की किसी भी दिशा में ब्रेकआउट नहीं हो जाता है.

 

डबल बॉटम पैटर्न (Double Bottom Chart Pattern)

 

डबल बॉटम पैटर्न (Double Bottom Chart Pattern) :- डबल बॉटम चार्ट पैटर्न एक Bullish Reversal चार्ट पैटर्न है जो Downtrend के बाद बनता है। यह पैटर्न इसके Resistance Level के नीचे दो चढ़ावों के साथ बनता है जिसे नेकलाइन (Neckline) के रूप में भी जाना जाता है।

पहला Lower Level एक मजबूत गिरावट के बाद बनता है और फिर कीमतें नेकलाइन पर वापस आ जाती हैं। अपनी नेकलाइन पर वापस पहुंचने के बाद, कीमत bearish position में आ जाती है और फिर से गिरकर दूसरी बार lower level पर पहुंच जाती है।

इस पैटर्न का निर्माण तब पूरा होता है जब कीमतें दूसरी बार lower level बनाने के बाद नेकलाइन पर वापस आ जाती हैं। जब कीमतें नेकलाइन या प्रतिरोध स्तर (Resistance Level) को तोड़ती हैं तो strong bullish signal होने की पुष्टि हो जाती है और traders लंबी स्थिति में प्रवेश कर सकते हैं।

 

डबल टॉप पैटर्न (Double Top Chart Pattern)

डबल टॉप पैटर्न (Double Top Chart Pattern) :- डबल टॉप पैटर्न एक Bearish Reversal चार्ट पैटर्न है जो एक Uptrend के बाद बनता है। यह डबल टॉप पैटर्न एक Support Level के ऊपर दो चोटियों के साथ बनता है जिसे नेकलाइन के रूप में भी जाना जाता है।

पहला शिखर (Top 1) एक मजबूत अपट्रेंड के बाद बनता है और फिर नेकलाइन पर वापस आ जाता है। अपनी नेकलाइन पर वापस पहुंचने के बाद, कीमत में तेजी आ जाती है और दूसरा शिखर (Top 2) बनाने के लिए फिर से बढ़ जाती है।

इस पैटर्न का निर्माण तब पूरा होता है जब कीमतें दूसरी चोटी (Top 2) बनाने के बाद नेकलाइन पर वापस आ जाती हैं। जब कीमतें नेकलाइन या समर्थन स्तर (Support Level) को तोड़ती हैं तो strong bearish signal होने की पुष्टि हो जाती है।

 

हेड एंड शोल्डर पैटर्न (Head and Shoulders Chart Pattern)

 

हेड एंड शोल्डर पैटर्न (Head and Shoulders Chart Pattern) :- Head and Shoulders Chart Pattern की संरचना में एक बायां कंधा (Left Shoulder), एक सिर (a Head) और एक दायां कंधा (Right Shoulder) और नेकलाइन के रूप में खींची गई एक रेखा शामिल होती है।

बायां कंधा (Left Shoulder) एक व्यापक चाल के अंत में बनता है, जिसके दौरान Volume काफ़ी अधिक होता है। बाएं कंधे की चोटी (High of Left Shoulder) बनने के बाद, कीमतें कुछ हद तक नीचे गिरती हैं, जो आमतौर पर नेकलाइन तक जाती है और फिर वहा से ऊपर की और जाने लगती है।

कीमतें सामान्य या High Volume के साथ हेड (Head) बनाने के लिए बढ़ती हैं। हेड (Head) का हाई हमेशा लेफ्ट शोल्डर (Left shoulder) के हाई से ज्यादा होगा और उसके बाद कीमतें Low Volume के साथ नीचे की ओर गिरती है।

दायां कंधा (Right Shoulder) तब बनता है जब कीमतें फिर से बढ़ती हैं लेकिन केंद्रीय शिखर से नीचे रहती हैं जिसे हेड (Head) कहा जाता है। दायां कंधा (Right Shoulder) लगभग बायां कंधा (Left Shoulder) के हाई के बराबर से या उससे पहले ही नीचे गिरने लगता है। दाएं कंधे (Right Shoulder) की संरचना में बाएं कंधे (Left Shoulder) और सिर (Head) की संरचना की तुलना में वॉल्यूम कम होता है।

बाएं कंधे (Left Shoulder) के निचले हिस्से, सिर (Head) और दाएं कंधे (Right Shoulder) पर एक नेकलाइन खींची जा सकती है। जब कीमतें इस नेकलाइन को तोड़ती हैं और दाहिने कंधे (Right Shoulder) के निर्माण के बाद गिरती रहती हैं, तो यहाँ strong bearish signal होने की पुष्टि हो जाती है।

 

इनवर्स हेड और शोल्डर पैटर्न (Inverse Head And Shoulder Chart Pattern)

इनवर्स हेड और शोल्डर पैटर्न (Inverse Head And Shoulder Chart Pattern) :- यह Pattern केवल Head and Shoulder Pattern का उलटा है और अक्सर बाजार की भावना में बदलाव का संकेत देता है। गठन उल्टा है और वॉल्यूम पैटर्न सिर और कंधे के शीर्ष से अलग है।

कीमतें volume में वृद्धि के साथ पहले निचले स्तर (Lower Level) से बाएं कंधे (Left Shoulder) के गठन को पूरा करने के स्तर तक बढ़ती हैं और फिर एक नए निचले स्तर (Lower Level) तक गिर जाती हैं। और फिर उसी लाइन से ऊपर की और नेकलिने पे वापिस जाती है जिससे सिर (Head) का गठन होता है।

जब सिर (Head) बनाने के बाद नेकलिने से कीमत निचे की तरफ गिरती है और थोड़ा गिराने के बाद तेजी से ऊपर की ओर जाती है तो दाहिने कंधे (Right Shoulder) निर्माण होता है।

जब कीमतें इस नेकलाइन को तोड़ती हैं और दाहिने कंधे (Right Shoulder) के निर्माण के बाद ऊपर की और बढ़ती रहती हैं, तो यहाँ strong Bullish signal होने की पुष्टि हो जाती है।

 

 

निष्कर्ष Conclusion

यह चार्ट पैटर्न बेसिक तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) के एक मात्र हिस्से हैं और अन्य तकनीकी औजारों और संकेतकों के साथ मिलाकर उपयोग किए जाते हैं ताकि ट्रेडर्स को यथासंभव सटीक परिणाम प्राप्त करने में मदद मिल सके। बैंक निफ्टी चार्ट पैटर्न (Bank Nifty Chart Pattern) अच्छे से अध्ययन किए जाने के बाद ही निवेश के निर्णय लेने चाहिए।

यह सूचित करना महत्वपूर्ण है कि चार्ट पैटर्न शेयर बाजार की संभावित दिशा के बारे में अनुमान लगाने का एक मात्र तरीका है और वे निवेशकों को 100% गारंटी नहीं देते हैं। इसलिए, बाजार के अन्य मामलों के साथ-साथ अन्य तकनीकी औजार और न्यूज़ का भी महत्वपूर्ण ध्यान देना आवश्यक है।

 

Frequently Asked Question (FAQ)

 

Q.No.1 चार्ट पैटर्न (Chart Pattern) क्या हैं?

Ans :- चार्ट पैटर्न (Chart Pattern) आगामी मूल्य गतिविधियों, जैसे ब्रेकआउट और रिवर्सल की भविष्यवाणी करने में मदद करने के लिए मूल्य चार्ट पर खींची गई रेखाएं और आकार हैं। वे एक मौलिक तकनीकी विश्लेषण तकनीक हैं जो व्यापारियों को संभावित भविष्य के बाजार आंदोलनों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में पिछले मूल्य कार्यों का उपयोग करने में मदद करती है।

Q.No.2 चार्ट पैटर्न (Chart Pattern) की सफलता दर क्या है?

Ans :-चार्ट पैटर्न (Chart Pattern) की सफलता दर विभिन्न कारकों, जैसे बाज़ार स्थितियों और पुष्टि संकेतों के आधार पर भिन्न हो सकती है। सफलता की संभावना बढ़ाने के लिए अतिरिक्त संकेतकों और विश्लेषण का उपयोग करना आवश्यक है।

 

 

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